Al Madinah Quran
Language
The Rock Page 263
Home
Juz 14 Page 263 / 604 Hizb 27

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 16

    हमने आकाश में बुर्ज (तारा-समूह) बनाए और हमने उसे देखनेवालों के लिए सुसज्जित भी किया

  2. 17

    और हर फिटकारे हुए शैतान से उसे सुरक्षित रखा -

  3. 18

    यह और बात है कि किसी ने चोरी-छिपे कुछ सुनगुन ले लिया तो एक प्रत्यक्ष अग्निशिखा ने भी झपटकर उसका पीछा किया -

  4. 19

    और हमने धरती को फैलाया और उसमें अटल पहाड़ डाल दिए और उसमें हर चीज़ नपे-तुले अन्दाज़ में उगाई

  5. 20

    और उसमें तुम्हारे गुज़र-बसर के सामान निर्मित किए, और उनको भी जिनको रोज़ी देनेवाले तुम नहीं हो

  6. 21

    कोई भी चीज़ तो ऐसी नहीं है जिसके भंडार हमारे पास न हों, फिर भी हम उसे एक ज्ञात (निश्चिंत) मात्रा के साथ उतारते है

  7. 22

    हम ही वर्षा लानेवाली हवाओं को भेजते है। फिर आकाश से पानी बरसाते है और उससे तुम्हें सिंचित करते है। उसके ख़जानादार तुम नहीं हो

  8. 23

    हम ही जीवन और मृत्यु देते है और हम ही उत्तराधिकारी रह जाते है

  9. 24

    हम तुम्हारे पहले के लोगों को भी जानते है और बाद के आनेवालों को भी हम जानते है

  10. 25

    तुम्हारा रब ही है, जो उन्हें इकट्ठा करेगा। निस्संदेह वह तत्वदर्शी, सर्वज्ञ है

  11. 26

    हमने मनुष्य को सड़े हुए गारे की खनखनाती हुई मिट्टी से बनाया है,

  12. 27

    और उससे पहले हम जिन्नों को लू रूपी अग्नि से पैदा कर चुके थे

  13. 28

    याद करो जब तुम्हारे रब ने फ़रिश्तों से कहा, "मैं सड़े हुए गारे की खनखनाती हुई मिट्टी से एक मनुष्य पैदा करनेवाला हूँ

  14. 29

    तो जब मैं उसे पूरा बना चुकूँ और उसमें अपनी रूह फूँक दूँ तो तुम उसके आगे सजदे में गिर जाना!"

  15. 30

    अतएव सब के सब फ़रिश्तो ने सजदा किया,

  16. 31

    सिवाय इबलीस के। उसने सजदा करनेवालों के साथ शामिल होने से इनकार कर दिया

Reading

Display settings

Quran text size
Appearance
0:00/0:00