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Juz 19 Page 371 / 604 Hizb 37

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 84

    और बाद के आनेवालों में से मुझे सच्ची ख़्याति प्रदान कर

  2. 85

    और मुझे नेमत भरी जन्नत के वारिसों में सम्मिलित कर

  3. 86

    और मेरे बाप को क्षमा कर दे। निश्चय ही वह पथभ्रष्ट लोगों में से है

  4. 87

    और मुझे उस दिन रुसवा न कर, जब लोग जीवित करके उठाए जाएँगे।

  5. 88

    जिस दिन न माल काम आएगा और न औलाद,

  6. 89

    सिवाय इसके कि कोई भला-चंगा दिल लिए हुए अल्लाह के पास आया हो।"

  7. 90

    और डर रखनेवालों के लिए जन्नत निकट लाई जाएगी

  8. 91

    और भडकती आग पथभ्रष्टि लोगों के लिए प्रकट कर दी जाएगी

  9. 92

    और उनसे कहा जाएगा, "कहाँ है वे जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पूजते रहे हो?

  10. 93

    क्या वे तुम्हारी कुछ सहायता कर रहे है या अपना ही बचाव कर सकते है?"

  11. 94

    फिर वे उसमें औंधे झोक दिए जाएँगे, वे और बहके हुए लोग

  12. 95

    और इबलीस की सेनाएँ, सबके सब।

  13. 96

    वे वहाँ आपस में झगड़ते हुए कहेंगे,

  14. 97

    "अल्लाह की क़सम! निश्चय ही हम खुली गुमराही में थे

  15. 98

    जबकि हम तुम्हें सारे संसार के रब के बराबर ठहरा रहे थे

  16. 99

    और हमें तो बस उन अपराधियों ने ही पथभ्रष्ट किया

  17. 100

    अब न हमारा कोई सिफ़ारिशी है,

  18. 101

    और न घनिष्ट मित्र

  19. 102

    क्या ही अच्छा होता कि हमें एक बार फिर पलटना होता, तो हम मोमिनों में से हो जाते!"

  20. 103

    निश्चय ही इसमें एक बड़ी निशानी है। इसपर भी उनमें से अधिकरतर माननेवाले नहीं

  21. 104

    और निस्संदेह तुम्हारा रब ही है जो बड़ा प्रभुत्वशाली, अत्यन्त दयावान है

  22. 105

    नूह की क़ौम ने रसूलों को झुठलाया;

  23. 106

    जबकि उनसे उनके भाई नूह ने कहा, "क्या तुम डर नहीं रखते?

  24. 107

    निस्संदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ

  25. 108

    अतः अल्लाह का डर रखो और मेरा कहा मानो

  26. 109

    मैं इस काम के बदले तुमसे कोई बदला नहीं माँगता। मेरा बदला तो बस सारे संसार के रब के ज़िम्मे है

  27. 110

    अतः अल्लाह का डर रखो और मेरी आज्ञा का पालन करो।"

  28. 111

    उन्होंने कहा, "क्या हम तेरी बात मान लें, जबकि तेरे पीछे तो अत्यन्त नीच लोग चल रहे है?"

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