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الشعراء · Ayah 164وَمَآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ ۖ إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ
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الشعراء · Ayah 166وَتَذَرُونَ مَا خَلَقَ لَكُمْ رَبُّكُم مِّنْ أَزْوَٰجِكُم ۚ بَلْ أَنتُمْ قَوْمٌ عَادُونَ
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الشعراء · Ayah 167قَالُوا۟ لَئِن لَّمْ تَنتَهِ يَـٰلُوطُ لَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلْمُخْرَجِينَ
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الشعراء · Ayah 173وَأَمْطَرْنَا عَلَيْهِم مَّطَرًا ۖ فَسَآءَ مَطَرُ ٱلْمُنذَرِينَ
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الشعراء · Ayah 174إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
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الشعراء · Ayah 180وَمَآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ ۖ إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ
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الشعراء · Ayah 181أَوْفُوا۟ ٱلْكَيْلَ وَلَا تَكُونُوا۟ مِنَ ٱلْمُخْسِرِينَ
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الشعراء · Ayah 183وَلَا تَبْخَسُوا۟ ٱلنَّاسَ أَشْيَآءَهُمْ وَلَا تَعْثَوْا۟ فِى ٱلْأَرْضِ مُفْسِدِينَ
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Ayah meanings
Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21
लूत की क़ौम के लोगों ने रसूलों को झुठलाया;
जबकि उनके भाई लूत ने उनसे कहा, "क्या तुम डर नहीं रखते?
मैं तो तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ
अतः अल्लाह का डर रखो और मेरी आज्ञा का पालन करो
मैं इस काम पर तुमसे कोई प्रतिदान नहीं माँगता, मेरा प्रतिदान तो बस सारे संसार के रब के ज़िम्मे है
क्या सारे संसारवालों में से तुम ही ऐसे हो जो पुरुषों के पास जाते हो,
और अपनी पत्नियों को, जिन्हें तुम्हारे रब ने तुम्हारे लिए पैदा किया, छोड़ देते हो? इतना ही नहीं, बल्कि तुम हद से आगे बढ़े हुए लोग हो।"
उन्होंने कहा, "यदि तू बाज़ न आया, ऐ लतू! तो तू अवश्य ही निकाल बाहर किया जाएगा।"
उसने कहा, "मैं तुम्हारे कर्म से अत्यन्त विरक्त हूँ।
ऐ मेरे रब! मुझे और मेरे लोगों को, जो कुछ ये करते है उसके परिणाम से, बचा ले।"
अन्ततः हमने उसे और उसके सारे लोगों को बचा लिया;
सिवाय एक बुढ़िया के जो पीछे रह जानेवालों में थी
फिर शेष दूसरे लोगों को हमने विनष्ट कर दिया।
और हमने उनपर एक बरसात बरसाई। और यह चेताए हुए लोगों की बहुत ही बुरी वर्षा थी
निश्चय ही इसमें एक बड़ी निशानी है। इसपर भी उनमें से अधिकतर माननेवाले नहीं
और निश्चय ही तुम्हारा रब बड़ा प्रभुत्वशाली, अत्यन्त दयावान है
अल-ऐकावालों ने रसूलों को झुठलाया
जबकि शुऐब ने उनसे कहा, "क्या तुम डर नहीं रखते?
मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ
अतः अल्लाह का डर रखो और मेरी आज्ञा का पालन करो
मैं इस काम पर तुमसे कोई प्रतिदान नहीं माँगता। मेरा प्रतिदान तो बस सारे संसार के रब के ज़िम्मे है
तुम पूरा-पूरा पैमाना भरो और घाटा न दो
और ठीक तराज़ू से तौलो
और लोगों को उनकी चीज़ों में घाटा न दो और धरती में बिगाड़ और फ़साद मचाते मत फिरो
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