Ayah commentary
Tafsir
Loading tafsir…
Unified search
Search works with or without diacritics while preserving displayed Quran text.
Ayah actions
الشعراء · Ayah 184وَٱتَّقُوا۟ ٱلَّذِى خَلَقَكُمْ وَٱلْجِبِلَّةَ ٱلْأَوَّلِينَ
Reciter
Ayah actions
الشعراء · Ayah 186وَمَآ أَنتَ إِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُنَا وَإِن نَّظُنُّكَ لَمِنَ ٱلْكَـٰذِبِينَ
Reciter
Ayah actions
الشعراء · Ayah 187فَأَسْقِطْ عَلَيْنَا كِسَفًا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ
Reciter
Ayah actions
الشعراء · Ayah 189فَكَذَّبُوهُ فَأَخَذَهُمْ عَذَابُ يَوْمِ ٱلظُّلَّةِ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍ
Reciter
Ayah actions
الشعراء · Ayah 190إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
Reciter
Ayah actions
الشعراء · Ayah 197أَوَلَمْ يَكُن لَّهُمْ ءَايَةً أَن يَعْلَمَهُۥ عُلَمَـٰٓؤُا۟ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ
Reciter
Ayah actions
الشعراء · Ayah 201لَا يُؤْمِنُونَ بِهِۦ حَتَّىٰ يَرَوُا۟ ٱلْعَذَابَ ٱلْأَلِيمَ
Reciter
Ayah commentary
Loading tafsir…
Ayah meanings
Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21
उसका डर रखो जिसने तुम्हें और पिछली नस्लों को पैदा किया हैं।"
उन्होंने कहा, "तू तो बस जादू का मारा हुआ है
और तू बस हमारे ही जैसा एक आदमी है और हम तो तुझे झूठा समझते है
फिर तू हमपर आकाश को कोई टुकड़ा गिरा दे, यदि तू सच्चा है।"
उसने कहा, " मेरा रब भली-भाँति जानता है जो कुछ तुम कर रहे हो।"
किन्तु उन्होंने उसे झुठला दिया। फिर छायावाले दिन की यातना ने आ लिया। निश्चय ही वह एक बड़े दिन की यातना थी
निस्संदेह इसमें एक बड़ी निशानी है। इसपर भी उनमें से अधिकतर माननेवाले नहीं
और निश्चय ही तुम्हारा रब ही है, जो बड़ा प्रभुत्वशाली, अत्यन्त दयावान है
निश्चय ही यह (क़ुरआन) सारे संसार के रब की अवतरित की हुई चीज़ है
इसको लेकर तुम्हारे हृदय पर एक विश्वसनीय आत्मा उतरी है,
ताकि तुम सावधान करनेवाले हो
स्पष्ट अरबी भाषा में
और निस्संदेह यह पिछले लोगों की किताबों में भी मौजूद है
क्या यह उनके लिए कोई निशानी नहीं है कि इसे बनी इसराईल के विद्वान जानते है?
यदि हम इसे ग़ैर अरबी भाषी पर भी उतारते,
और वह इसे उन्हें पढ़कर सुनाता तब भी वे इसे माननेवाले न होते
इसी प्रकार हमने इसे अपराधियों के दिलों में पैठाया है
वे इसपर ईमान लाने को नहीं, जब तक कि दुखद यातना न देख लें
फिर जब वह अचानक उनपर आ जाएगी और उन्हें ख़बर भी न होगी,
तब वे कहेंगे, "क्या हमें कुछ मुहलत मिल सकती है?"
तो क्या वे लोग हमारी यातना के लिए जल्दी मचा रहे है?
क्या तुमने कुछ विचार किया? यदि हम उन्हें कुछ वर्षों तक सुख भोगने दें;
फिर उनपर वह चीज़ आ जाए, जिससे उन्हें डराया जाता रहा है;
Reading