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Juz 23 Page 452 / 604 Hizb 46
Surah ص

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 154

    तुम्हें क्या हो गया है? तुम कैसा फ़ैसला करते हो?

  2. 155

    तो क्या तुम होश से काम नहीं लेते?

  3. 156

    क्या तुम्हारे पास कोई स्पष्ट प्रमाण है?

  4. 157

    तो लाओ अपनी किताब, यदि तुम सच्चे हो

  5. 158

    उन्होंने अल्लाह और जिन्नों के बीच नाता जोड़ रखा है, हालाँकि जिन्नों को भली-भाँति मालूम है कि वे अवश्य पकड़कर हाज़िर किए जाएँगे-

  6. 159

    महान और उच्च है अल्लाह उससे, जो वे बयान करते है। -

  7. 160

    अल्लाह के उन बन्दों की बात और है, जिन्हें उसने चुन लिया

  8. 161

    अतः तुम और जिनको तुम पूजते हो वे,

  9. 162

    तुम सब अल्लाह के विरुद्ध किसी को बहका नहीं सकते,

  10. 163

    सिवाय उसके जो जहन्नम की भड़कती आग में पड़ने ही वाला हो

  11. 164

    और हमारी ओर से उसके लिए अनिवार्यतः एक ज्ञात और नियत स्थान है

  12. 165

    और हम ही पंक्तिबद्ध करते है।

  13. 166

    और हम ही महानता बयान करते है

  14. 167

    वे तो कहा करते थे,

  15. 168

    "यदि हमारे पास पिछलों की कोई शिक्षा होती

  16. 169

    तो हम अल्लाह के चुने हुए बन्दे होते।"

  17. 170

    किन्तु उन्होंने इनकार कर दिया, तो अब जल्द ही वे जान लेंगे

  18. 171

    और हमारे अपने उन बन्दों के हक़ में, जो रसूल बनाकर भेजे गए, हमारी बात पहले ही निश्चित हो चुकी है

  19. 172

    कि निश्चय ही उन्हीं की सहायता की जाएगी।

  20. 173

    और निश्चय ही हमारी सेना ही प्रभावी रहेगी

  21. 174

    अतः एक अवधि तक के लिए उनसे रुख़ फेर लो

  22. 175

    और उन्हें देखते रहो। वे भी जल्द ही (अपना परिणाम) देख लेंगे

  23. 176

    क्या वे हमारी यातना के लिए जल्दी मचा रहे हैं?

  24. 177

    तो जब वह उनके आँगन में उतरेगी तो बड़ी ही बुरी सुबह होगी उन लोगों की, जिन्हें सचेत किया जा चुका है!

  25. 178

    एक अवधि तक के लिए उनसे रुख़ फेर लो

  26. 179

    और देखते रहो, वे जल्द ही देख लेंगे

  27. 180

    महान और उच्च है तुम्हारा रब, प्रताप का स्वामी, उन बातों से जो वे बताते है!

  28. 181

    और सलाम है रसूलों पर;

  29. 182

    औऱ सब प्रशंसा अल्लाह, सारे संसार के रब के लिए है

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