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The letter Saad Page 456
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Juz 23 Page 456 / 604 Hizb 46

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

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Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 43

    और हमने उसे उसके परिजन दिए और उनके साथ वैसे ही और भी; अपनी ओर से दयालुता के रूप में और बुद्धि और समझ रखनेवालों के लिए शिक्षा के रूप में।

  2. 44

    "और अपने हाथ में तिनकों का एक मुट्ठा ले और उससे मार और अपनी क़सम न तोड़।" निश्चय ही हमने उसे धैर्यवान पाया, क्या ही अच्छा बन्दा! निस्संदेह वह बड़ा ही रुजू रहनेवाला था

  3. 45

    हमारे बन्दों, इबराहीम और इसहाक़ और याक़ूब को भी याद करो, जो हाथों (शक्ति) और निगाहोंवाले (ज्ञान-चक्षुवाले) थे

  4. 46

    निस्संदेह हमने उन्हें एक विशिष्ट बात के लिए चुन लिया था और वह वास्तविक घर (आख़िरत) की याद थी

  5. 47

    और निश्चय ही वे हमारे यहाँ चुने हुए नेक लोगों में से है

  6. 48

    इसमाईल और अल-यसअ और ज़ुलकिफ़्ल को भी याद करो। इनमें से प्रत्येक ही अच्छा रहा है

  7. 49

    यह एक अनुस्मृति है। और निश्चय ही डर रखनेवालों के लिए अच्छा ठिकाना है

  8. 50

    सदैव रहने के बाग़ है, जिनके द्वार उनके लिए खुले होंगे

  9. 51

    उनमें वे तकिया लगाए हुए होंगे। वहाँ वे बहुत-से मेवे और पेय मँगवाते होंगे

  10. 52

    और उनके पास निगाहें बचाए रखनेवाली स्त्रियाँ होंगी, जो समान अवस्था की होंगी

  11. 53

    यह है वह चीज़, जिसका हिसाब के दिन के लिए तुमसे वादा किया जाता है

  12. 54

    यह हमारा दिया है, जो कभी समाप्त न होगा

  13. 55

    एक और यह है, किन्तु सरकशों के लिए बहुत बुरा ठिकाना है;

  14. 56

    जहन्नम, जिसमें वे प्रवेश करेंगे। तो वह बहुत ही बुरा विश्राम-स्थल है!

  15. 57

    यह है, अब उन्हें इसे चखना है - खौलता हुआ पानी और रक्तयुक्त पीप

  16. 58

    और इसी प्रकार की दूसरी और भी चीज़ें

  17. 59

    "यह एक भीड़ है जो तुम्हारे साथ घुसी चली आ रही है। कोई आवभगत उनके लिए नहीं। वे तो आग में पड़नेवाले है।"

  18. 60

    वे कहेंगे, "नहीं, तुम नहीं। तुम्हारे लिए कोई आवभगत नहीं। तुम्ही यह हमारे आगे लाए हो। तो बहुत ही बुरी है यह ठहरने की जगह!"

  19. 61

    वे कहेंगे, "ऐ हमारे रब! जो हमारे आगे यह (मुसीबत) लाया उसे आग में दोहरी यातना दे!"

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