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The letter Saad Page 457
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Juz 23 Page 457 / 604 Hizb 46

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

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Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 62

    और वे कहेंगे, "क्या बात है कि हम उन लोगों को नहीं देखते जिनकी गणना हम बुरों में करते थे?

  2. 63

    क्या हमने यूँ ही उनका मज़ाक बनाया था, यह उनसे निगाहें चूक गई हैं?"

  3. 64

    निस्संदेह आग में पड़नेवालों का यह आपस का झगड़ा तो अवश्य होना है

  4. 65

    कह दो, "मैं तो बस एक सचेत करनेवाला हूँ। कोई पूज्य-प्रभु नहीं सिवाय अल्लाह के, जो अकेला है, सबपर क़ाबू रखनेवाला;

  5. 66

    आकाशों और धरती का रब है, और जो कुछ इन दोनों के बीच है उसका भी, अत्यन्त प्रभुत्वशाली, बड़ा क्षमाशील।"

  6. 67

    कह दो, "वह एक बड़ी ख़बर है, ‘

  7. 68

    जिसे तुम ध्यान में नहीं ला रहे हो

  8. 69

    मुझे 'मलए आला' (ऊपरी लोक के फ़रिश्तों) का कोई ज्ञान नहीं था, जब वे वाद-विवाद कर रहे थे

  9. 70

    मेरी ओर तो बस इसलिए प्रकाशना की जाती है कि मैं खुल्लम-खुल्ला सचेत करनेवाला हूँ।"

  10. 71

    याद करो जब तुम्हारे रब ने फ़रिश्तों से कहा कि "मैं मिट्टी से एक मनुष्य पैदा करनेवाला हूँ

  11. 72

    तो जब मैं उसको ठीक-ठाक कर दूँ औऱ उसमें अपनी रूह फूँक दूँ, तो तुम उसके आगे सजदे में गिर जाना।"

  12. 73

    तो सभी फ़रिश्तों ने सजदा किया, सिवाय इबलीस के।

  13. 74

    उसने घमंड किया और इनकार करनेवालों में से हो गया

  14. 75

    कहा, "ऐ इबलीस! तूझे किस चीज़ ने उसको सजदा करने से रोका जिसे मैंने अपने दोनों हाथों से बनाया? क्या तूने घमंड किया, या तू कोई ऊँची हस्ती है?"

  15. 76

    उसने कहा, "मैं उससे उत्तम हूँ। तूने मुझे आग से पैदा किया और उसे मिट्टी से पैदा किया।"

  16. 77

    कहा, "अच्छा, निकल जा यहाँ से, क्योंकि तू धुत्कारा हुआ है

  17. 78

    और निश्चय ही बदला दिए जाने के दिन तक तुझपर मेरी लानत है।"

  18. 79

    उसने कहा, "ऐ मेरे रब! फिर तू मुझे उस दिन तक के लिए मुहल्लत दे, जबकि लोग (जीवित करके) उठाए जाएँगे।"

  19. 80

    कहा, "अच्छा, तुझे निश्चित एवं

  20. 81

    ज्ञात समय तक मुहलत है।"

  21. 82

    उसने कहा, "तेरे प्रताप की सौगन्ध! मैं अवश्य उन सबको बहकाकर रहूँगा,

  22. 83

    सिवाय उनमें से तेरे उन बन्दों के, जो चुने हुए है।"

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