Al Madinah Quran
Language
The Smoke Page 497
Home
Juz 25 Page 497 / 604 Hizb 50

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 19

    और अल्लाह के मुक़ाबले में सरकशी न करो, मैं तुम्हारे लिए एक स्पष्ट प्रमाण लेकर आया हूँ

  2. 20

    और मैं इससे अपने रब और तुम्हारे रब की शरण ले चुका हूँ कि तुम मुझ पर पथराव करके मार डालो

  3. 21

    किन्तु यदि तुम मेरी बात नहीं मानते तो मुझसे अलग हो जाओ!"

  4. 22

    अन्ततः उसने अपने रब को पुकारा कि "ये अपराधी लोग है।"

  5. 23

    "अच्छा तुम रातों रात मेरे बन्दों को लेकर चले जाओ। निश्चय ही तुम्हारा पीछा किया जाएगा

  6. 24

    और सागर को स्थिर छोड़ दो। वे तो एक सेना दल हैं, डूब जानेवाले।"

  7. 25

    वे छोड़ गये कितनॆ ही बाग़ और स्रोत

  8. 26

    और ख़ेतियां और उत्तम आवास-

  9. 27

    और सुख सामग्री जिनमें वे मज़े कर रहे थे।

  10. 28

    हम ऐसा ही मामला करते है, और उन चीज़ों का वारिस हमने दूसरे लोगों को बनाया

  11. 29

    फिर न तो आकाश और धरती ने उनपर विलाप किया और न उन्हें मुहलत ही मिली

  12. 30

    इस प्रकार हमने इसराईल की सन्तान को अपमानजनक यातना से

  13. 31

    अर्थात फ़िरऔन से छुटकारा दिया। निश्चय ही वह मर्यादाहीन लोगों में से बड़ा ही सरकश था

  14. 32

    और हमने (उनकी स्थिति को) जानते हुए उन्हें सारे संसारवालों के मुक़ाबले मं चुन लिया

  15. 33

    और हमने उन्हें निशानियों के द्वारा वह चीज़ दी जिसमें स्पष्ट परीक्षा थी

  16. 34

    ये लोग बड़ी दृढ़तापूर्वक कहते है,

  17. 35

    "बस यह हमारी पहली मृत्यु ही है, हम दोबारा उठाए जानेवाले नहीं हैं

  18. 36

    तो ले आओ हमारे बाप-दादा को, यदि तुम सच्चे हो!"

  19. 37

    क्या वे अच्छे है या तुब्बा की क़ौम या वे लोग जो उनसे पहले गुज़र चुके है? हमने उन्हें विनष्ट कर दिया, निश्चय ही वे अपराधी थे

  20. 38

    हमने आकाशों और धरती को और जो कुछ उनके बीच है उन्हें खेल नहीं बनाया

  21. 39

    हमने उन्हें हक़ के साथ पैदा किया, किन्तु उनमें से अधिककर लोग जानते नहीं

Reading

Display settings

Quran text size
Appearance
0:00/0:00