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الذاريات · Ayah 14ذُوقُوا۟ فِتْنَتَكُمْ هَـٰذَا ٱلَّذِى كُنتُم بِهِۦ تَسْتَعْجِلُونَ
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الذاريات · Ayah 16ءَاخِذِينَ مَآ ءَاتَىٰهُمْ رَبُّهُمْ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ قَبْلَ ذَٰلِكَ مُحْسِنِينَ
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الذاريات · Ayah 19وَفِىٓ أَمْوَٰلِهِمْ حَقٌّ لِّلسَّآئِلِ وَٱلْمَحْرُومِ
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الذاريات · Ayah 23فَوَرَبِّ ٱلسَّمَآءِ وَٱلْأَرْضِ إِنَّهُۥ لَحَقٌّ مِّثْلَ مَآ أَنَّكُمْ تَنطِقُونَ
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الذاريات · Ayah 24هَلْ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ضَيْفِ إِبْرَٰهِيمَ ٱلْمُكْرَمِينَ
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الذاريات · Ayah 25إِذْ دَخَلُوا۟ عَلَيْهِ فَقَالُوا۟ سَلَـٰمًا ۖ قَالَ سَلَـٰمٌ قَوْمٌ مُّنكَرُونَ
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الذاريات · Ayah 28فَأَوْجَسَ مِنْهُمْ خِيفَةً ۖ قَالُوا۟ لَا تَخَفْ ۖ وَبَشَّرُوهُ بِغُلَـٰمٍ عَلِيمٍ
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الذاريات · Ayah 29فَأَقْبَلَتِ ٱمْرَأَتُهُۥ فِى صَرَّةٍ فَصَكَّتْ وَجْهَهَا وَقَالَتْ عَجُوزٌ عَقِيمٌ
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الذاريات · Ayah 30قَالُوا۟ كَذَٰلِكِ قَالَ رَبُّكِ ۖ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلْحَكِيمُ ٱلْعَلِيمُ
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Ayah meanings
Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21
गवाह है धारियोंवाला आकाश।
निश्चय ही तुम उस बात में पड़े हुए हो जिनमें कथन भिन्न-भिन्न है
इसमें कोई सरफिरा ही विमुख होता है
मारे जाएँ अटकल दौड़ानेवाले;
जो ग़फ़लत में पड़े हुए हैं भूले हुए
पूछते है, "बदले का दिन कब आएगा?"
जिस दिन वे आग पर तपाए जाएँगे,
"चखों मज़ा. अपने फ़ितने (उपद्रव) का! यहीं है जिसके लिए तुम जल्दी मचा रहे थे।"
निश्चय ही डर रखनेवाले बाग़ों और स्रोतों में होंगे
जो कुछ उनके रब ने उन्हें दिया, वे उसे ले रहे होंगे। निस्संदेह वे इससे पहले उत्तमकारों में से थे
रातों को थोड़ा ही सोते थे,
और वही प्रातः की घड़ियों में क्षमा की प्रार्थना करते थे
और उनके मालों में माँगनेवाले और धनहीन का हक़ था
और धरती में विश्वास करनेवालों के लिए बहुत-सी निशानियाँ है,
और ,स्वयं तुम्हारे अपने आप में भी। तो क्या तुम देखते नहीं?
और आकाश मे ही तुम्हारी रोज़ी है और वह चीज़ भी जिसका तुमसे वादा किया जा रहा है
अतः सौगन्ध है आकाश और धरती के रब की। निश्चय ही वह सत्य बात है ऐसे ही जैसे तुम बोलते हो
क्या इबराईम के प्रतिष्ठित अतिथियों का वृतान्त तुम तक पहँचा?
जब वे उसके पास आए तो कहा, "सलाम है तुमपर!" उसने भी कहा, "सलाम है आप लोगों पर भी!" (और जी में कहा) "ये तो अपरिचित लोग हैं।"
फिर वह चुपके से अपने घरवालों के पास गया और एक मोटा-ताज़ा बछड़ा (का भूना हुआ मांस) ले आया
और उसे उनके सामने पेश किया। कहा, "क्या आप खाते नहीं?"
फिर उसने दिल में उनसे डर महसूस किया। उन्होंने कहा, "डरिए नहीं।" और उन्होंने उसे एक ज्ञानवान लड़के की मंगल-सूचना दी
इसपर उसकी स्त्री (चकित होकर) आगे बढ़ी और उसने अपना मुँह पीट लिया और कहने लगी, "एक बूढ़ी बाँझ (के यहाँ बच्चा पैदा होगा)!"
उन्होंने कहा, "ऐसी ही तेरे रब ने कहा है। निश्चय ही वह बड़ा तत्वदर्शी, ज्ञानवान है।"
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