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Juz 27 Page 527 / 604 Hizb 53

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 27

    जो लोग आख़िरत को नहीं मानते, वे फ़रिश्तों के देवियों के नाम से अभिहित करते है,

  2. 28

    हालाँकि इस विषय में उन्हें कोई ज्ञान नहीं। वे केवल अटकल के पीछे चलते है, हालाँकि सत्य से जो लाभ पहुँचता है वह अटकल से कदापि नहीं पहुँच सकता।

  3. 29

    अतः तुम उसको ध्यान में न लाओ जो हमारे ज़िक्र से मुँह मोड़ता है और सांसारिक जीवन के सिवा उसने कुछ नहीं चाहा

  4. 30

    ऐसे लोगों के ज्ञान की पहुँच बस यहीं तक है। निश्चय ही तुम्हारा रब ही उसे भली-भाँति जानता है जो उसके मार्ग से भटक गया और वही उसे भी भली-भाँति जानता है जिसने सीधा मार्ग अपनाया

  5. 31

    अल्लाह ही का है जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है, ताकि जिन लोगों ने बुराई की वह उन्हें उनके किए का बदला दे। और जिन लोगों ने भलाई की उन्हें अच्छा बदला दे;

  6. 32

    वे लोग जो बड़े गुनाहों और अश्लील कर्मों से बचते है, यह और बात है कि संयोगबश कोई छोटी बुराई उनसे हो जाए। निश्चय ही तुम्हारा रब क्षमाशीलता मे बड़ा व्यापक है। वह तुम्हें उस समय से भली-भाँति जानता है, जबकि उसने तुम्हें धरती से पैदा किया और जबकि तुम अपनी माँओ के पेटों में भ्रुण अवस्था में थे। अतः अपने मन की पवित्रता और निखार का दावा न करो। वह उस व्यक्ति को भली-भाँति जानता है, जिसने डर रखा

  7. 33

    क्या तुमने उस व्यक्ति को देखा जिसने मुँह फेरा,

  8. 34

    और थोड़ा-सा देकर रुक गया;

  9. 35

    क्या उसके पास परोक्ष का ज्ञान है कि वह देख रहा है;

  10. 36

    या उसको उन बातों की ख़बर नहीं पहुँची, जो मूसा की किताबों में है

  11. 37

    और इबराहीम की (किताबों में है), जिसने अल्लाह की बन्दगी का) पूरा-पूरा हक़ अदा कर दिया?

  12. 38

    यह कि कोई बोझ उठानेवाला किसी दूसरे का बोझ न उठाएगा;

  13. 39

    और यह कि मनुष्य के लिए बस वही है जिसके लिए उसने प्रयास किया;

  14. 40

    और यह कि उसका प्रयास शीघ्र ही देखा जाएगा।

  15. 41

    फिर उसे पूरा बदला दिया जाएगा;

  16. 42

    और यह कि अन्त में पहुँचना तुम्हारे रब ही की ओर है;

  17. 43

    और यह कि वही है जो हँसाता और रुलाता है;

  18. 44

    और यह कि वही जो मारता और जिलाता है;

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