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Juz 27 Page 528 / 604 Hizb 53
Surah القمر
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 45

    और यह कि वही है जिसने नर और मादा के जोड़े पैदा किए,

  2. 46

    एक बूँद से, जब वह टपकाई जाती है;

  3. 47

    और यह कि उसी के ज़िम्मे दोबारा उठाना भी है;

  4. 48

    और यह कि वही है जिसने धनी और पूँजीपति बनाया;

  5. 49

    और यह कि वही है जो शेअरा (नामक तारे) का रब है

  6. 50

    और यह कि वही है उसी ने प्राचीन आद को विनष्ट किया;

  7. 51

    और समूद को भी। फिर किसी को बाक़ी न छोड़ा।

  8. 52

    और उससे पहले नूह की क़ौम को भी। बेशक वे ज़ालिम और सरकश थे

  9. 53

    उलट जानेवाली बस्ती को भी फेंक दिया।

  10. 54

    तो ढँक लिया उसे जिस चीज़ ने ढँक लिया;

  11. 55

    फिर तू अपने रब के चमत्कारों में से किस-किस के विषय में संदेह करेगा?

  12. 56

    यह पहले के सावधान-कर्ताओं के सदृश एक सावधान करनेवाला है

  13. 57

    निकट आनेवाली (क़ियामत की घड़ी) निकट आ गई

  14. 58

    अल्लाह के सिवा कोई नहीं जो उसे प्रकट कर दे

  15. 59

    अब क्या तुम इस वाणी पर आश्चर्य करते हो;

  16. 60

    और हँसते हो और रोते नहीं?

  17. 61

    जबकि तुम घमंडी और ग़ाफिल हो

  18. 62

    अतः अल्लाह को सजदा करो और बन्दगी करो

  19. 1

    वह घड़ी निकट और लगी और चाँद फट गया;

  20. 2

    किन्तु हाल यह है कि यदि वे कोई निशानी देख भी लें तो टाल जाएँगे और कहेंगे, "यह तो जादू है, पहले से चला आ रहा है!"

  21. 3

    उन्होंने झुठलाया और अपनी इच्छाओं का अनुसरण किया; किन्तु हर मामले के लिए एक नियत अवधि है।

  22. 4

    उनके पास अतीत को ऐसी खबरें आ चुकी है, जिनमें ताड़ना अर्थात पूर्णतः तत्वदर्शीता है।

  23. 5

    किन्तु चेतावनियाँ उनके कुछ काम नहीं आ रही है! -

  24. 6

    अतः उनसे रुख़ फेर लो - जिस दिन पुकारनेवाला एक अत्यन्त अप्रिय चीज़ की ओर पुकारेगा;

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