Al Madinah Quran
Language
Noah Page 571
Home
Juz 29 Page 571 / 604 Hizb 57

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 11

    "वह बादल भेजेगा तुमपर ख़ूब बरसनेवाला,

  2. 12

    "और वह माल और बेटों से तुम्हें बढ़ोतरी प्रदान करेगा, और तुम्हारे लिए बाग़ पैदा करेगा और तुम्हारे लिए नहरें प्रवाहित करेगा

  3. 13

    "तुम्हें क्या हो गया है कि तुम (अपने दिलों में) अल्लाह के लिए किसी गौरव की आशा नहीं रखते?

  4. 14

    "हालाँकि उसने तुम्हें विभिन्न अवस्थाओं से गुज़ारते हुए पैदा किया

  5. 15

    "क्या तुमने देखा नहीं कि अल्लाह ने किस प्रकार ऊपर तले सात आकाश बनाए,

  6. 16

    "और उनमें चन्द्रमा को प्रकाश और सूर्य का प्रदीप बनाया?

  7. 17

    "और अल्लाह ने तुम्हें धरती से विशिष्ट प्रकार से विकसित किया,

  8. 18

    "फिर वह तुम्हें उसमें लौटाता है और तुम्हें बाहर निकालेगा भी

  9. 19

    "और अल्लाह ने तुम्हारे लिए धरती को बिछौना बनाया,

  10. 20

    "ताकि तुम उसके विस्तृत मार्गों पर चलो।"

  11. 21

    नूह ने कहा, "ऐ मेरे रब! उन्होंने मेरी अवज्ञा की, और उसका अनुसरण किया जिसके धन और जिसकी सन्तान ने उसके घाटे ही मे अभिवृद्धि की

  12. 22

    "और वे बहुत बड़ी चाल चले,

  13. 23

    "और उन्होंने कहा, अपने इष्ट-पूज्यों के कदापि न छोड़ो और न वह वद्द को छोड़ो और न सुवा को और न यग़ूस और न यऊक़ और नस्र को

  14. 24

    "और उन्होंने बहुत-से लोगों को पथभ्रष्ट॥ किया है (तो तू उन्हें मार्ग न दिया) अब, तू भी ज़ालिमों की पथभ्रष्टता ही में अभिवृद्धि कर।"

  15. 25

    वे अपनी बड़ी ख़ताओं के कारण पानी में डूबो दिए गए, फिर आग में दाख़िल कर दिए गए, फिर वे अपने और अल्लाह के बीच आड़ बननेवाले सहायक न पा सके

  16. 26

    और नूह ने कहा, "ऐ मेरे रब! धरती पर इनकार करनेवालों में से किसी बसनेवाले को न छोड

  17. 27

    "यदि तू उन्हें छोड़ देगा तो वे तेरे बन्दों को पथभ्रष्ट कर देंगे और वे दुराचारियों और बड़े अधर्मियों को ही जन्म देंगे

  18. 28

    "ऐ मेरे रब! मुझे क्षमा कर दे और मेरे माँ-बाप को भी और हर उस व्यक्ति को भी जो मेरे घर में ईमानवाला बन कर दाख़िल हुआ और (सामान्य) ईमानवाले पुरुषों और ईमानवाली स्त्रियों को भी (क्षमा कर दे), और ज़ालिमों के विनाश को ही बढ़ा।"

Reading

Display settings

Quran text size
Appearance
0:00/0:00