Al Madinah Quran
Language
The Night Page 596
Home
Juz 30 Page 596 / 604 Hizb 60
Surah الضحى
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
Surah الشرح
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 10

    हम उसे सहज ढंग से उस चीज़ का पात्र बना देंगे, जो कठिन चीज़ (कष्ट-साध्य) है

  2. 11

    और उसका माल उसके कुछ काम न आएगा, जब वह (सिर के बल) खड्ड में गिरेगा

  3. 12

    निस्संदेह हमारे ज़िम्मे है मार्ग दिखाना

  4. 13

    और वास्तव में हमारे अधिकार में है आख़िरत और दुनिया भी

  5. 14

    अतः मैंने तुम्हें दहकती आग से सावधान कर दिया

  6. 15

    इसमें बस वही पड़ेगा जो बड़ा ही अभागा होगा,

  7. 16

    जिसने झुठलाया और मुँह फेरा

  8. 17

    और उससे बच जाएगा वह अत्यन्त परहेज़गार व्यक्ति,

  9. 18

    जो अपना माल देकर अपने आपको निखारता है

  10. 19

    और हाल यह है कि किसी का उसपर उपकार नहीं कि उसका बदला दिया जा रहा हो,

  11. 20

    बल्कि इससे अभीष्ट केवल उसके अपने उच्च रब के मुख (प्रसन्नता) की चाह है

  12. 21

    और वह शीघ्र ही राज़ी हो जाएगा

  13. 1

    साक्षी है चढ़ता दिन,

  14. 2

    और रात जबकि उसका सन्नाटा छा जाए

  15. 3

    तुम्हारे रब ने तुम्हें न तो विदा किया और न वह बेज़ार (अप्रसन्न) हुआ

  16. 4

    और निश्चय ही बाद में आनेवाली (अवधि) तुम्हारे लिए पहलेवाली से उत्तम है

  17. 5

    और शीघ्र ही तुम्हारा रब तुम्हें प्रदान करेगा कि तुम प्रसन्न हो जाओगे

  18. 6

    क्या ऐसा नहीं कि उसने तुम्हें अनाथ पाया तो ठिकाना दिया?

  19. 7

    और तुम्हें मार्ग से अपरिचित पाया तो मार्ग दिखाया?

  20. 8

    और तुम्हें निर्धन पाया तो समृद्ध कर दिया?

  21. 9

    अतः जो अनाथ हो उसे मत दबाना,

  22. 10

    और जो माँगता हो उसे न झिझकना,

  23. 11

    और जो तुम्हें रब की अनुकम्पा है, उसे बयान करते रहो

  24. 1

    क्या ऐसा नहीं कि हमने तुम्हारा सीना तुम्हारे लिए खोल दिया?

  25. 2

    और तुमपर से तुम्हारा बोझ उतार दिया,

Reading

Display settings

Quran text size
Appearance
0:00/0:00