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Juz 30 Page 599 / 604 Hizb 60
Surah الزلزلة
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
Surah العاديات
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 6

    निस्संदेह किताबवालों और मुशरिकों (बहुदेववादियों) में से जिन लोगों ने इनकार किया है, वे जहन्नम की आग में पड़ेगे; उसमें सदैव रहने के लिए। वही पैदा किए गए प्राणियों में सबसे बुरे है

  2. 7

    किन्तु निश्चय ही वे लोग, जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए पैदा किए गए प्राणियों में सबसे अच्छे है

  3. 8

    उनका बदला उनके अपने रब के पास सदाबहार बाग़ है, जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी। उनमें वे सदैव रहेंगे। अल्लाह उनसे राज़ी हुआ और वे उससे राज़ी हुए। यह कुछ उसके लिए है, जो अपने रब से डरा

  4. 1

    जब धरती इस प्रकार हिला डाली जाएगी जैसा उसे हिलाया जाना है,

  5. 2

    और धरती अपने बोझ बाहर निकाल देगी,

  6. 3

    और मनुष्य कहेगा, "उसे क्या हो गया है?"

  7. 4

    उस दिन वह अपना वृत्तांत सुनाएगी,

  8. 5

    इस कारण कि तुम्हारे रब ने उसे यही संकेत किया होगा

  9. 6

    उस दिन लोग अलग-अलग निकलेंगे, ताकि उन्हें कर्म दिखाए जाएँ

  10. 7

    अतः जो कोई कणभर भी नेकी करेगा, वह उसे देख लेगा,

  11. 8

    और जो कोई कणभर भी बुराई करेगा, वह भी उसे देख लेगा

  12. 1

    साक्षी है जो हाँफते-फुँकार मारते हुए दौड़ते है,

  13. 2

    फिर ठोकरों से चिनगारियाँ निकालते है,

  14. 3

    फिर सुबह सवेरे धावा मारते होते है,

  15. 4

    उसमें उठाया उन्होंने गर्द-गुबार

  16. 5

    और इसी हाल में वे दल में जा घुसे

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