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Juz 30 Page 600 / 604 Hizb 60
Surah القارعة
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
Surah التكاثر
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 6

    निस्संदेह मनुष्य अपने रब का बड़ा अकृतज्ञ हैं,

  2. 7

    और निश्चय ही वह स्वयं इसपर गवाह है!

  3. 8

    और निश्चय ही वह धन के मोह में बड़ा दृढ़ है

  4. 9

    तो क्या वह जानता नहीं जब उगवला लिया जाएगा तो क़ब्रों में है

  5. 10

    और स्पष्ट अनावृत्त कर दिया जाएगा तो कुछ सीनों में है

  6. 11

    निस्संदेह उनका रब उस दिन उनकी पूरी ख़बर रखता होगा

  7. 1

    वह खड़खड़ानेवाली!

  8. 2

    क्या है वह खड़खड़ानेवाली?

  9. 3

    और तुम्हें क्या मालूम कि क्या है वह खड़खड़ानेवाली?

  10. 4

    जिस दिन लोग बिखरे हुए पतंगों के सदृश हो जाएँगें,

  11. 5

    और पहाड़ के धुन के हुए रंग-बिरंग के ऊन जैसे हो जाएँगे

  12. 6

    फिर जिस किसी के वज़न भारी होंगे,

  13. 7

    वह मनभाते जीवन में रहेगा

  14. 8

    और रहा वह व्यक्ति जिसके वज़न हलके होंगे,

  15. 9

    उसकी माँ होगी गहरा खड्ड

  16. 10

    और तुम्हें क्या मालूम कि वह क्या है?

  17. 11

    आग है दहकती हुई

  18. 1

    तुम्हें एक-दूसरे के मुक़ाबले में बहुतायत के प्रदर्शन और घमंड ने ग़फ़़लत में डाल रखा है,

  19. 2

    यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तानों में पहुँच गए

  20. 3

    कुछ नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे

  21. 4

    फिर, कुछ नहीं, तुम्हें शीघ्र ही मालूम हो जाएगा -

  22. 5

    कुछ नहीं, अगर तुम विश्वसनीय ज्ञान के रूप में जान लो! (तो तुम धन-दौलत के पुजारी न बनो) -

  23. 6

    अवश्य ही तुम भड़कती आग से दो-चार होगे

  24. 7

    फिर सुनो, उसे अवश्य देखोगे इस दशा में कि वह यथावत विश्वास होगा

  25. 8

    फिर निश्चय ही उस दिन तुमसे नेमतों के बारे में पूछा जाएगा

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