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Juz 30 Page 602 / 604 Hizb 60
Surah قريش
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
Surah الماعون
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
Surah الكوثر
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 1

    कितना है क़ुरैश को लगाए और परचाए रखना,

  2. 2

    लगाए और परचाए रखना उन्हें जाड़े और गर्मी की यात्रा से

  3. 3

    अतः उन्हें चाहिए कि इस घर (काबा) के रब की बन्दगी करे,

  4. 4

    जिसने उन्हें खिलाकर भूख से बचाया और निश्चिन्तता प्रदान करके भय से बचाया

  5. 1

    क्या तुमने उसे देखा जो दीन को झुठलाता है?

  6. 2

    वही तो है जो अनाथ को धक्के देता है,

  7. 3

    और मुहताज के खिलाने पर नहीं उकसाता

  8. 4

    अतः तबाही है उन नमाज़ियों के लिए,

  9. 5

    जो अपनी नमाज़ से ग़ाफिल (असावधान) हैं,

  10. 6

    जो दिखावे के लिए कार्य करते हैं,

  11. 7

    और साधारण बरतने की चीज़ भी किसी को नहीं देते

  12. 1

    निश्चय ही हमने तुम्हें कौसर प्रदान किया,

  13. 2

    अतः तुम अपने रब ही के लिए नमाज़ पढ़ो और (उसी के दिन) क़़ुरबानी करो

  14. 3

    निस्संदेह तुम्हारा जो वैरी है वही जड़कटा है

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