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Juz 30 Page 604 / 604 Hizb 60
Surah الإخلاص
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
Surah الفلق
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
Surah الناس
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

Ayah meanings

Muhammad Farooq Khan & Muhammad Ahmed

हिन्दी

Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed · Tanzil Project · Version tanzil-2026-09-21

  1. 1

    कहो, "वह अल्लाह यकता है,

  2. 2

    अल्लाह निरपेक्ष (और सर्वाधार) है,

  3. 3

    न वह जनिता है और न जन्य,

  4. 4

    और न कोई उसका समकक्ष है।"

  5. 1

    कहो, "मैं शरण लेता हूँ, प्रकट करनेवाले रब की,

  6. 2

    जो कुछ भी उसने पैदा किया उसकी बुराई से,

  7. 3

    और अँधेरे की बुराई से जबकि वह घुस आए,

  8. 4

    और गाँठो में फूँक मारने-वालों की बुराई से,

  9. 5

    और ईर्ष्यालु की बुराई से, जब वह ईर्ष्या करे।"

  10. 1

    कहो, "मैं शरण लेता हूँ मनुष्यों के रब की

  11. 2

    मनुष्यों के सम्राट की

  12. 3

    मनुष्यों के उपास्य की

  13. 4

    वसवसा डालनेवाले, खिसक जानेवाले की बुराई से

  14. 5

    जो मनुष्यों के सीनों में वसवसा डालता हैं

  15. 6

    जो जिन्नों में से भी होता हैं और मनुष्यों में से भी # -------------------------------------------------------------------- # # Quran Translation # Name: फ़ारूक़ ख़ान & अहमद # Translator: Muhammad Farooq Khan and Muhammad Ahmed # Language: Hindi # ID: hi.farooq # Last Update: March 18, 2011 # Source: Tanzil.net # # --------------------------------------------------------------------

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